US रिपोर्ट में खुलासा: पाकिस्तान से चल रहे 15 आतंकी संगठन—भारत और कश्मीर सबसे बड़े निशाने पर
US रिपोर्ट में खुलासा: पाकिस्तान से चल रहे 15 आतंकी संगठन—भारत और कश्मीर सबसे बड़े निशाने पर
US रिपोर्ट में खुलासा: US कांग्रेस की रिपोर्ट में पाकिस्तान से सक्रिय 15 आतंकी संगठनों का खुलासा। जानें कैसे ये ग्रुप भारत और कश्मीर को निशाना बना रहे हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसका क्या असर है।
अमित कौल | डिजिटल डेस्क के लिए | बेंगलुरु | 2 अप्रैल, 2026 – अमेरिका की कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (CRS) की ताज़ा रिपोर्ट ने एक बार फिर पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की धरती से कम से कम 15 आतंकी संगठन अब भी सक्रिय हैं, जिनमें से कई का सीधा फोकस भारत और खासकर जम्मू-कश्मीर क्षेत्र पर है। यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान खुद को पश्चिम एशिया संकट में “मध्यस्थ” के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है।
🔍 रिपोर्ट का मुख्य निष्कर्ष: US रिपोर्ट में खुलासा
CRS रिपोर्ट बताती है कि 2014 में लागू किए गए नेशनल एक्शन प्लान (NAP) के बावजूद पाकिस्तान आतंकी नेटवर्क्स को पूरी तरह खत्म करने में विफल रहा है। कई संगठनों को अमेरिका ने विदेशी आतंकवादी संगठन’ (FTO)’ घोषित कर रखा है, फिर भी वे अलग-अलग नामों और नेटवर्क्स के जरिए सक्रिय हैं।
यह स्थिति न केवल पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा पर सवाल उठाती है, बल्कि दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए भी एक बड़ा खतरा बनती जा रही है।
🌍 वैश्विक स्तर पर सक्रिय आतंकी संगठन
1. अल-कायदा (AQ)
ओसामा बिन लादेन द्वारा स्थापित यह संगठन भले ही कमजोर पड़ा हो, लेकिन इसके नेटवर्क अब भी पाकिस्तान में मौजूद हैं।
2. अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS)
2014 में गठित AQIS पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में छोटे लेकिन प्रभावी हमलों के लिए जाना जाता है।
3. इस्लामिक स्टेट-खोरासान (ISKP)
ISIS से जुड़ा यह संगठन अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र में सक्रिय है और इसके पास हजारों लड़ाके हैं।
⚔️ अफगानिस्तान-केंद्रित आतंकी नेटवर्क: US रिपोर्ट में खुलासा
4. अफगान तालिबान
2021 में सत्ता में वापसी के बाद भी तालिबान के पाकिस्तान से गहरे संबंध बने हुए हैं।
5. हक्कानी नेटवर्क (HQN)
यह नेटवर्क सीमा पार हमलों और तालिबान के साथ करीबी संबंधों के लिए जाना जाता है।
भारत और कश्मीर को निशाना बनाने वाले संगठन
6. लश्कर-ए-तैयबा (LeT)
2008 मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार यह संगठन आज भी सक्रिय है और नए नामों से ऑपरेशन चलाता है।
7. जैश-ए-मोहम्मद (JeM)
भारतीय संसद हमले का आरोपी यह संगठन अभी भी भारत के खिलाफ साजिशों में शामिल है।
8. हरकत-उल-जिहाद इस्लामी (HUJI)
दक्षिण एशिया के कई हिस्सों में सक्रिय, यह संगठन भारत पर केंद्रित गतिविधियां चलाता है।
9. हरकत-उल-मुजाहिदीन (HUM)
IC-814 अपहरण में शामिल यह गुट कश्मीर में सक्रिय रहा है।
10. हिजबुल मुजाहिदीन (HM)
स्थानीय कैडर के साथ यह संगठन कश्मीर में अलगाववादी एजेंडा चलाता है।
🔥 पाकिस्तान के अंदर सक्रिय उग्रवादी संगठन: US रिपोर्ट में खुलासा
11. तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP)
पाकिस्तान का सबसे खतरनाक आतंकी गुट, जिसने कई बड़े हमले किए हैं।
12. बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA)
यह संगठन चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (CPEC) को निशाना बनाता है।
13. जैश अल-अदल
यह गुट ईरान-पाकिस्तान सीमा पर सक्रिय है और क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ाता है।
⚠️ सांप्रदायिक उग्रवादी संगठन
14. सिपाह-ए-सहबा पाकिस्तान (SSP)
शिया-विरोधी एजेंडा के लिए जाना जाता है।
15. लश्कर-ए-झंगवी (LeJ)
SSP से जुड़ा यह संगठन अल-कायदा और TTP से भी संबंध रखता है।
📉 क्यों विफल हो रहा है पाकिस्तान?
पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह “डुअल पॉलिसी” अपनाता रहा है—कुछ आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई और कुछ को रणनीतिक संपत्ति के रूप में इस्तेमाल करना।
- राजनीतिक अस्थिरता
- कमजोर कानून व्यवस्था
- अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद सीमित कार्रवाई
ये सभी कारक इस समस्या को और जटिल बना रहे हैं।
🌐 भारत और क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर
भारत के लिए यह रिपोर्ट बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें साफ तौर पर बताया गया है कि कई संगठन अब भी कश्मीर को निशाना बना रहे हैं। इससे सीमा पर तनाव और आतंकी हमलों का खतरा बना रहता है।
दक्षिण एशिया में स्थिरता बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अब और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
https://vartaprabhat.com/iran-hormuz-strait-toll-global-oil-trade-crisis-analysis/
🔍 निष्कर्ष
US की यह रिपोर्ट पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी दावों की पोल खोलती है। 15 सक्रिय आतंकी संगठनों की मौजूदगी यह दिखाती है कि समस्या अब भी जड़ से खत्म नहीं हुई है।
अगर पाकिस्तान ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह न केवल उसकी आंतरिक सुरक्षा बल्कि पूरे क्षेत्र की शांति के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
लेखक के बारे में:
अमित कौल
अमित कौल वरिष्ठ पत्रकार और डिजिटल न्यूज़ विश्लेषक हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। वर्तमान में वह Vartaprabhat.com के लिए नियमित लेखन कर रहे हैं।
