जम्मू-कश्मीर पर अमित शाह की हाई-लेवल सुरक्षा बैठक, अहम फैसलों की उम्मीद
जम्मू-कश्मीर पर अमित शाह की हाई-लेवल सुरक्षा बैठक, अहम फैसलों की उम्मीद
जम्मू-कश्मीर पर अमित शाह की हाई-लेवल सुरक्षा बैठक: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति को लेकर हाई-लेवल समीक्षा बैठक की। आतंकवाद, सीमा सुरक्षा और प्रशासनिक हालात पर लिए जा सकते हैं बड़े फैसले।
अमित कौल | डिजिटल डेस्क के लिए | बेंगलुरु | 8 जनवरी 2026 – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज जम्मू-कश्मीर की मौजूदा सुरक्षा स्थिति को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब घाटी में सुरक्षा, आतंकवाद और सीमा पार से होने वाली गतिविधियों को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क दिखाई दे रही है। बैठक में आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी रणनीति, प्रशासनिक तैयारियों और सीमा सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर गहन चर्चा की गई।
इस हाई-लेवल बैठक में गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, सेना, सीआरपीएफ, बीएसएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और खुफिया एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य हालिया सुरक्षा हालात की समीक्षा करना और आने वाले महीनों के लिए ठोस रणनीति तैयार करना बताया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर पर अमित शाह की हाई-लेवल सुरक्षा बैठक: आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस नीति
सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक में स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ केंद्र सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। हाल के वर्षों में घाटी में आतंकवादी घटनाओं में कमी आई है, लेकिन सरकार किसी भी प्रकार की चूक नहीं चाहती। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि स्थानीय स्तर पर आतंकियों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं।
सीमा सुरक्षा और घुसपैठ पर फोकस
बैठक में एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। शीतकाल के दौरान घुसपैठ की कोशिशों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। गृह मंत्री ने सुरक्षा बलों को आधुनिक तकनीक और बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया।
जम्मू-कश्मीर पर अमित शाह की हाई-लेवल सुरक्षा बैठक: प्रशासनिक स्थिति और विकास कार्य
सुरक्षा के साथ-साथ बैठक में प्रशासनिक हालात और विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। केंद्र सरकार का मानना है कि सुरक्षा और विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इसलिए जम्मू-कश्मीर में चल रही विकास परियोजनाओं, रोजगार योजनाओं और बुनियादी ढांचे के कार्यों को तेज़ी से पूरा करने पर भी चर्चा हुई।
चुनावी तैयारियों पर भी चर्चा संभव
राजनीतिक गलियारों में यह भी माना जा रहा है कि बैठक में आने वाले समय में संभावित चुनावी तैयारियों को लेकर भी आंतरिक चर्चा हुई होगी। शांतिपूर्ण माहौल में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाना केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
केंद्र सरकार का स्पष्ट संदेश
इस बैठक के जरिए केंद्र सरकार ने साफ संकेत दिया है कि जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा और स्थिरता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अमित शाह की अध्यक्षता में हुई यह बैठक भविष्य की रणनीति तय करने में अहम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में इसके आधार पर कुछ बड़े प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी फैसलों की घोषणा भी हो सकती है।
https://vartaprabhat.com/himachal-nalagarh-dhamaka-bki-psa-jimmewari/
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की नियमित उच्चस्तरीय बैठकों से न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती है, बल्कि सुरक्षा बलों का मनोबल भी बढ़ता है। कुल मिलाकर, यह बैठक जम्मू-कश्मीर में शांति, सुरक्षा और विकास को लेकर केंद्र सरकार की गंभीरता को दर्शाती है।
लेखक के बारे में:
अमित कौल वरिष्ठ पत्रकार और डिजिटल न्यूज़ विश्लेषक हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। वर्तमान में वह Vartaprabhat.com के लिए नियमित लेखन कर रहे हैं।
