
गुरेज में ढेर हुआ ‘मानव जीपीएस’ बागू खान: 1995 से LOC पर घुसपैठ की कोशिशों का मास्टरमाइंड
गुरेज में ढेर हुआ ‘मानव जीपीएस’ बागू खान: 1995 से LOC पर घुसपैठ की कोशिशों का मास्टरमाइंड
गुरेज में ढेर हुआ ‘मानव जीपीएस’ बागू खान: जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में भारतीय सेना और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पाकिस्तान-आधारित आतंकी बागू खान उर्फ “मानव जीपीएस” मारा गया। 1995 से घुसपैठ की कोशिशों को दिशा देने वाला यह आतंकी LOC पर मुठभेड़ में ढेर हुआ।
जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले के गुरेज सेक्टर में भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। नियंत्रण रेखा (LOC) पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम करते हुए सुरक्षाबलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया। मारे गए आतंकियों में से एक की पहचान चौधरी उर्फ़ बागू खान उर्फ़ “समंदर चाचा” के रूप में हुई है, जिसे सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से “मानव जीपीएस” (Human GPS) के नाम से जानती थीं।
मानव जीपीएस आतंकी बागू खान मारा गया
बागू खान पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के मुज़फ़्फ़राबाद इलाके में सक्रिय था और 1995 से LOC पार कर आतंकियों की घुसपैठ की साजिशों को अंजाम देने में शामिल रहा। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि उसे सीमा क्षेत्र का इतना गहरा ज्ञान था कि वह नए आतंकियों को जंगलों और पहाड़ी रास्तों से सुरक्षित पार कराने का काम करता था। इसी कारण उसे “मानव जीपीएस” कहा जाता था।
सेना की श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने 28 अगस्त को बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिली खुफिया सूचना के आधार पर गुरेज सेक्टर में “ऑपरेशन नौशेरा नार IV” शुरू किया गया। इस दौरान सतर्क सैनिकों ने LOC के पास संदिग्ध गतिविधि देखी और घुसपैठियों को चुनौती दी। इसके जवाब में आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, लेकिन सेना के जवानों ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए दो आतंकियों को ढेर कर दिया।
गुरेज में ढेर हुआ ‘मानव जीपीएस’ बागू खान: भारतीय सेना की सफलता
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बागू खान का मारा जाना भारतीय सुरक्षा बलों के लिए बड़ी उपलब्धि है। लंबे समय से सक्रिय यह आतंकी जम्मू-कश्मीर में हिंसा फैलाने और आतंकियों को LOC पार कराने में अहम भूमिका निभाता था। उसका खात्मा पाकिस्तान समर्थित आतंकी तंत्र को करारा झटका है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाने की साजिशें लगातार जारी रहती हैं। लेकिन भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की सतर्कता और सटीक खुफिया जानकारी की बदौलत आतंकियों की ये कोशिशें बार-बार नाकाम होती रही हैं। गुरेज सेक्टर में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सुरक्षा बल आतंकवाद और घुसपैठ के खिलाफ पूरी तरह मुस्तैद हैं।