भारत का एयर डिफेंस सिस्टम और भी घातक: ऑपरेशन सिंदूर का हीरो S-400 नई तैनाती के लिए तैयार
भारत का एयर डिफेंस सिस्टम और भी घातक: ऑपरेशन सिंदूर का हीरो S-400 नई तैनाती के लिए तैयार
भारत का एयर डिफेंस सिस्टम और भी घातक: भारत का S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी हमलों को रोककर अपनी ताकत साबित कर चुका है। चौथा स्क्वाड्रन चीन-पाक सीमा पर जल्द तैनात होने वाला है।
अमित कौल | डिजिटल डेस्क के लिए | बेंगलुरु | 12 जनवरी 2026 – भारत का एयर डिफेंस सिस्टम अब और भी मज़बूत और घातक होने वाला है। S-400 एयर डिफेंस सिस्टम का चौथा स्क्वाड्रन जल्द ही देश की सीमाओं पर तैनात होने के लिए तैयार है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस सिस्टम ने असली युद्ध की परिस्थितियों में पाकिस्तानी हमलों को रोककर अपनी ताकत का परिचय दिया था। अब रक्षा विशेषज्ञ और सैन्य अधिकारी अगली तैनाती के स्थान पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, खासकर चीन-पाकिस्तान सीमा पर।
जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमला: भारत का एयर डिफेंस सिस्टम और भी घातक
जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले के बाद मई 2025 में पड़ोसी देश के खिलाफ़ की गई सैन्य कार्रवाई में यह सिस्टम एक जाना-पहचाना नाम बन गया। पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में भारत के आतंकवादियों के लॉन्च पैड और बाद में उनके एयरबेस पर हमले के दौरान, S-400 ने दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को समय रहते नष्ट किया। इसका प्रभाव स्पष्ट था – दुश्मन की हर बड़ी कार्रवाई को नाकाम कर दिया गया।
वर्तमान में, भारत तीन S-400 स्क्वाड्रन ऑपरेट करता है, जो संवेदनशील पश्चिमी और उत्तरी सेक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। रूस मई 2026 तक चौथा स्क्वाड्रन डिलीवर करने की तैयारी कर रहा है। यह डिलीवरी 2018 में हुए भारत-रूस समझौते का हिस्सा है, जिसकी कुल कीमत लगभग $5 बिलियन है। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत कुल पांच स्क्वाड्रन भारत को प्राप्त होंगे। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण डिलीवरी में कुछ देरी हुई थी, लेकिन अब रूसी अधिकारियों ने समय पर आपूर्ति का आश्वासन दिया है।
S-400 सिस्टम लंबी दूरी के एयर और मिसाइल डिफेंस का केंद्र है। यह न केवल विमानों को ट्रैक करता है बल्कि क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में सक्षम है। साथ ही लंबी दूरी से ड्रोन और स्टील्थ फाइटर का पता लगाने की क्षमता रखता है। हर स्क्वाड्रन में शक्तिशाली रडार यूनिट, कमांड एवं कंट्रोल वाहन और इंटरसेप्टर मिसाइलें शामिल हैं, जो 400 किलोमीटर तक की दूरी में हवाई टारगेट को नष्ट कर सकती हैं।
S-400 सबसे एडवांस्ड एयर डिफेंस प्लेटफॉर्म
वैश्विक रक्षा विशेषज्ञ S-400 को सबसे एडवांस्ड एयर डिफेंस प्लेटफॉर्म में गिनते हैं। यह सिस्टम स्टील्थ फाइटर, लंबी दूरी के हथियारों और हाइपरसोनिक मिसाइलों जैसे आधुनिक खतरों से भी निपट सकता है। इसकी ताकत इसकी लंबी रेंज और फ्लेक्सिबिलिटी में निहित है, जिससे दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को भारतीय एयरस्पेस में घुसने से पहले ही नष्ट किया जा सकता है।
S-400 एक साथ लगभग 300 हवाई टारगेट को ट्रैक कर सकता है और 36 से अधिक लक्ष्यों पर एक साथ हमला कर सकता है। इसका मल्टी-टारगेट इंटरसेप्शन क्षमता इसे सैचुरेशन हमलों में भी प्रभावी बनाती है। भारत की भौगोलिक स्थिति और पड़ोसी देशों की उच्च तकनीकी एयर फोर्स इसे और ज़रूरी बनाती है।
भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम
चौथा स्क्वाड्रन लेयर्ड एयर डिफेंस कवरेज को मज़बूत करेगा। अतिरिक्त इंटरसेप्टर मिसाइलों के लिए रूस के साथ लगभग 280 यूनिट्स पर बातचीत चल रही है। भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने हालिया सैन्य टकराव में कई हाई-वैल्यू टारगेट को नष्ट किया, जिसमें एक JF-17 फाइटर जेट को 200 किलोमीटर दूर इंटरसेप्ट किया गया।
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भविष्य में, S-400 भारतीय वायु सेना की सुरक्षा रणनीति का मुख्य स्तंभ रहेगा। यह सिस्टम उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में तैनाती के दौरान सीमा पर हर खतरे को सीमित करने में मदद करेगा। स्थानीय MRO सुविधाओं के साथ रखरखाव और ऑपरेशनल तैयारी भी सुनिश्चित होगी।
इस प्रकार, भारत का एयर डिफेंस सिस्टम न केवल अब तक के खतरों से निपटने में सक्षम है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार है। ऑपरेशन सिंदूर ने S-400 की वास्तविक युद्ध क्षमता को उजागर किया है और चौथे स्क्वाड्रन की तैनाती से यह और अधिक घातक साबित होगा।
लेखक के बारे में:
अमित कौल वरिष्ठ पत्रकार और डिजिटल न्यूज़ विश्लेषक हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। वर्तमान में वह Vartaprabhat.com के लिए नियमित लेखन कर रहे हैं।

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