जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट: सांबा, राजौरी और पुंछ के ऊपर अचानक क्यों मंडरा रहे हैं पाकिस्तानी ड्रोन?
जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट: सांबा, राजौरी और पुंछ के ऊपर अचानक क्यों मंडरा रहे हैं पाकिस्तानी ड्रोन?
जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट: जम्मू-कश्मीर में सांबा, राजौरी और पुंछ सेक्टर में पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए। सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर, जानिए पूरी रिपोर्ट।
अमित कौल | डिजिटल डेस्क के लिए | बेंगलुरु | 13 जनवरी 2026 – जम्मू और कश्मीर में एक बार फिर सीमा पार से बढ़ती गतिविधियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार, 12 जनवरी की शाम, जम्मू-कश्मीर के सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में इंटरनेशनल बॉर्डर और लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास कई संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने के बाद सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया।
अधिकारियों के अनुसार, ये सभी ड्रोन पाकिस्तान की ओर से आए, कुछ देर के लिए भारतीय सीमा में दाखिल हुए और फिर वापस लौट गए। ड्रोन देखे जाने के तुरंत बाद भारतीय सेना, बीएसएफ और स्थानीय पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारतीय क्षेत्र में कोई हथियार, विस्फोटक या अवैध सामग्री नहीं गिराई गई हो।
नौशेरा-राजौरी सेक्टर में ड्रोन पर सेना की कार्रवाई: जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट
एक प्रमुख समाचार एजेंसी ने रक्षा सूत्रों के हवाले से बताया कि नौशेरा-राजौरी सेक्टर में लाइन ऑफ कंट्रोल के पास कुछ पाकिस्तानी सेना के ड्रोन देखे गए। इसके बाद भारतीय सेना ने काउंटर-अनमैंड एरियल सिस्टम (C-UAS) उपाय अपनाए, जिससे ड्रोन को वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा।
राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में शाम करीब 6:35 बजे, गनिया-कलसियां गांव के ऊपर ड्रोन की गतिविधि देखे जाने के बाद सेना के जवानों ने मीडियम और लाइट मशीन गन से फायरिंग की। अधिकारियों के अनुसार, यह फायरिंग पूरी तरह एहतियाती थी।
अलग-अलग इलाकों में ड्रोन की मौजूदगी
इसी दौरान, राजौरी के तेरियाथ इलाके के खब्बर गांव के ऊपर एक और ड्रोन देखा गया। अधिकारियों ने बताया कि टिमटिमाती रोशनी वाला यह ड्रोन कलाकोट के धर्मसाल गांव की दिशा से आया और भरख की ओर बढ़ता हुआ दिखाई दिया।
सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर में स्थित चक बबरल गांव के ऊपर शाम करीब 7:15 बजे कुछ मिनटों तक एक ड्रोन जैसी वस्तु मंडराती हुई देखी गई। वहीं, पुंछ जिले के मनकोट सेक्टर में शाम करीब 6:25 बजे, तैन की दिशा से टोपा की ओर जाती हुई एक और संदिग्ध उड़ती वस्तु नजर आई।
ड्रोन गतिविधियों के पीछे क्या मकसद?
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, इन ड्रोन गतिविधियों के पीछे का सटीक उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं है। हालांकि, शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी, हथियार गिराने या भारतीय सुरक्षा प्रतिक्रिया का परीक्षण करने के लिए किया जा सकता है।
यह घटनाएं ऐसे समय सामने आई हैं जब मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया गया था, जिसके बाद सीमा पार से गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
हालिया हथियार बरामदगी से बढ़ी चिंता: जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट
गौरतलब है कि यह घटनाएं सांबा जिले के घगवाल क्षेत्र में कुछ दिन पहले हुई एक बड़ी बरामदगी के बाद सामने आई हैं। सुरक्षा बलों ने इंटरनेशनल बॉर्डर के पास पालूरा गांव से एक ड्रोन द्वारा गिराई गई कथित हथियार खेप बरामद की थी।
बरामद सामग्री में चीन निर्मित 9mm पिस्तौल, ग्लॉक 9mm पिस्तौल, एक चीनी हैंड ग्रेनेड (SPL HGR 84 मार्क) और 16 जिंदा 9mm राउंड शामिल थे। जांच एजेंसियां इस मामले को ड्रोन नेटवर्क से जोड़कर देख रही हैं।
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सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
इन घटनाओं के बाद पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। सीमावर्ती इलाकों में रात की गश्त, ड्रोन रोधी सिस्टम और खुफिया निगरानी को और मजबूत किया गया है।
लेखक के बारे में:
अमित कौल वरिष्ठ पत्रकार और डिजिटल न्यूज़ विश्लेषक हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। वर्तमान में वह Vartaprabhat.com के लिए नियमित लेखन कर रहे हैं।
