संसद का बजट सत्र 2026 शुरू: राष्ट्रपति अभिभाषण से सियासी तापमान बढ़ा, विपक्ष हमलावर
संसद का बजट सत्र 2026 शुरू: राष्ट्रपति अभिभाषण से सियासी तापमान बढ़ा, विपक्ष हमलावर
संसद का बजट सत्र 2026 आज से शुरू हुआ। राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ राजनीतिक घमासान तेज, विपक्ष महंगाई, बेरोज़गारी और किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में।
अमित कौल | डिजिटल डेस्क के लिए | बेंगलुरु | 29 जनवरी 2026 – देश की राजनीति का सबसे अहम संसदीय दौर — बजट सत्र 2026 — आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण से हुई, जिसमें सरकार की आगामी नीतियों, आर्थिक प्राथमिकताओं और विकास एजेंडे की रूपरेखा पेश की गई। इसके साथ ही संसद परिसर में सियासी हलचल तेज हो गई है और विपक्ष ने कई ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना ली है।
यह सत्र इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इसी दौरान केंद्र सरकार वित्त वर्ष 2026–27 का आम बजट पेश करेगी। आर्थिक चुनौतियों, वैश्विक मंदी के दबाव, बढ़ती महंगाई और रोजगार जैसे मुद्दों के बीच यह बजट आम जनता, उद्योग और किसानों — तीनों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
संसद का बजट सत्र 2026 शुरू: राष्ट्रपति के अभिभाषण में क्या खास रहा
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है। उन्होंने डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, हरित ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को सरकार की प्राथमिकता बताया।
साथ ही, उन्होंने सामाजिक कल्याण योजनाओं, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। सरकार का फोकस इस बार “समावेशी विकास” और “वैश्विक प्रतिस्पर्धा” पर रहेगा, यह संकेत अभिभाषण में साफ दिखा।
विपक्ष का रुख — टकराव तय
सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्षी दलों ने सरकार पर हमलावर रुख अपना लिया है। विपक्ष महंगाई, बेरोज़गारी, किसानों की आय, सीमा सुरक्षा, और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार वास्तविक आर्थिक संकट से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
कई विपक्षी दल संसद में संयुक्त रणनीति के साथ सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। संभावना है कि सत्र के शुरुआती दिनों में जोरदार हंगामा और स्थगन देखने को मिल सकता है।
संसद का बजट सत्र 2026 शुरू: बजट से जनता की क्या उम्मीदें
इस बार के बजट से मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत, किसानों को अधिक सहायता, युवाओं के लिए रोजगार योजनाएं और छोटे व्यवसायों के लिए वित्तीय समर्थन की उम्मीद है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, हाईवे, रक्षा उत्पादन और डिजिटल टेक्नोलॉजी में बड़े निवेश का ऐलान कर सकती है।
महंगाई पर नियंत्रण, पेट्रोल-डीजल कीमतों में राहत और स्वास्थ्य व शिक्षा बजट में बढ़ोतरी भी प्रमुख अपेक्षाओं में शामिल हैं।
राजनीतिक रूप से क्यों अहम है यह सत्र
कई राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों और राष्ट्रीय राजनीति की दिशा को देखते हुए यह सत्र राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार इस मंच का उपयोग अपनी उपलब्धियों को गिनाने के लिए करेगी, जबकि विपक्ष जनहित के मुद्दों को जोर-शोर से उठाकर जनता के बीच संदेश देने की कोशिश करेगा।
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निष्कर्ष
संसद का बजट सत्र 2026 केवल वित्तीय दस्तावेज पेश करने का औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की राजनीतिक और आर्थिक दिशा तय करने वाला अहम दौर है। आने वाले दिनों में संसद के भीतर बहस, टकराव और बड़े ऐलानों के साथ राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है।
लेखक के बारे में:
अमित कौल वरिष्ठ पत्रकार और डिजिटल न्यूज़ विश्लेषक हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। वर्तमान में वह Vartaprabhat.com के लिए नियमित लेखन कर रहे हैं।
