अमेरिकी वायुसेना का मध्य पूर्व में बड़ा अभ्यास: तनाव के बीच युद्धक तैयारियाँ तेज़
अमेरिकी वायुसेना का मध्य पूर्व में बड़ा अभ्यास: तनाव के बीच युद्धक तैयारियाँ तेज़
अमेरिकी वायुसेना का मध्य पूर्व में बड़ा अभ्यास: अमेरिकी वायुसेना ने मध्य पूर्व में बहु-दिनिया एयर पावर अभ्यास शुरू किया है, जिसमें USS अब्राहम लिंकन सहित अनेक युद्धक विमान और युद्धपोत शामिल हैं। तनाव बढ़ने से क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता। जानें पूरा अपडेट।
अमित कौल | डिजिटल डेस्क के लिए | बेंगलुरु | 31 जनवरी 2026 – 31 जनवरी 2026 को अमेरिकी वायुसेना (US Air Force) ने मध्य पूर्व में एक बड़े स्तर पर बहु-दिनिया युद्धक अभ्यास (air power drills) शुरू किए हैं, जो क्षेत्र में पैदा हो रहे तनाव के बीच सुरक्षा और सैन्य तैयारियों को प्रदर्शित करने के लिए आयोजित किए जा रहे हैं। यह अभ्यास CENTCOM (यूएस सेंट्रल कमांड) के नेतृत्व में हो रहा है, जिसमें अमेरिकी सेना की विविध एयर प्लेटफॉर्म और शक्ति तैनात की गई है।
अभ्यास में प्रमुख रूप से USS अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का तैनात होना शामिल है — यह अमेरिकी नौसेना का बड़ा विमानवाहक समूह है, जिसमें डेस्टॉयर्स और आधुनिक लड़ाकू विमान तैनात हैं। इसके साथ ही F-15E स्ट्राइक ईगल जेट्स और अन्य उन्नत विमान को भी क्षेत्र में भेजा गया है।
अमेरिकी वायुसेना का मध्य पूर्व में बड़ा अभ्यास: क्या है इस अभ्यास का उद्देश्य?
आधिकारिक बयान के अनुसार, यह अभ्यास अमेरिकी वायुसेना की तैनाती, विमान वितरण, और युद्धक क्षमता को मध्य पूर्व में तैनात रखने की क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। यह अभ्यास यह दिखाने के लिए भी डिज़ाइन किया गया है कि अमेरिकी सशस्त्र बल किसी भी परिस्थिति में क्षेत्रीय व रणनीतिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए तैयारी में हैं।
सेंट्रल कमांड के एयर कंपोनेंट कमांड ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के अभ्यास से क्षेत्रीय साझेदारों के साथ तालमेल, संयुक्त संचालन क्षमता और स्थिति-विशेष में तेजी से प्रतिक्रिया क्षमता में वृद्धि होगी। हालांकि अभ्यास की तारीखों और भाग लेने वाले सभी उपकरणों की विस्तृत सूची सार्वजनिक नहीं की गई है, यह कार्यक्रम क्षेत्र के कई देशों के साथ समन्वय में आयोजित किया जा रहा है।
मध्य पूर्व में तनाव का परिप्रेक्ष्य
यह अभ्यास ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। ईरान ने हार्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक अभ्यास की घोषणा भी की है और वहां की स्थिति में अस्थिरता बन गई है। इस तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने चेतावनी भी जारी की है कि अगर हालात बिगड़े तो जवाब देने की क्षमता उसके पास है।
अमेरिकी वायुसेना की यह तैनाती USS अब्राहम लिंकन स्ट्राइक ग्रुप की प्रमुख उपस्थिति के कारण विशेष महत्व रखती है। यह विमानवाहक समूह नौसेना और वायु शक्ति दोनों की संयुक्त क्षमता का प्रतीक है, जिससे संयुक्त सैन्य शक्ति का प्रभावी प्रदर्शन होता है।
अमेरिकी वायुसेना का मध्य पूर्व में बड़ा अभ्यास: सुरक्षा के लिए अमेरिकी रणनीति
अमेरिका का यह अभ्यास केवल एक शक्ति प्रदर्शन नहीं है, बल्कि इससे माना जाता है कि वह क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और संभावित संकटों का सामना करने के लिए अपनी तैयारियों को मजबूत करना चाहता है। यूएस सेंट्रल कमांड ने बयान दिया है कि इस तरह के अभ्यासों से अमेरिकी बलों के बीच तालमेल और संचालन क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस अभ्यास से अमेरिका यह संदेश देना चाहता है कि वह किसी भी स्थिति में क्षमता से प्रतिक्रिया दे सकता है, चाहे वह सैन्य संघर्ष हो या स्थिति नियंत्रण की आवश्यकता हो। इससे क्षेत्रीय साझेदारों — जैसे सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों — को यह भरोसा भी मिलेगा कि अमेरिका उनके साथ है।
वैश्विक प्रभाव और प्रतिक्रियाएँ
इस अभ्यास और अमेरिकी तैनाती ने वैश्विक सुरक्षा पर भी प्रभाव डाला है। कई देशों ने अमेरिका की इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया जताई है, जिसमें क्षेत्रीय शक्तियों के अलावा विदेश स्थित सरकारों ने भी अपनी चिंता और समर्थन दोनों व्यक्त किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियाँ न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक सुरक्षा समीकरण को भी प्रभावित करती हैं।
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निष्कर्ष
31 जनवरी 2026 को अमेरिकी वायुसेना द्वारा मध्य पूर्व में प्रयुक्त यह अभ्यास एक बड़ा सैन्य और रणनीतिक कदम माना जा रहा है। यह अमेरिका की सामरिक क्षमता का प्रदर्शन है और यह संकेत भी है कि अमेरिका क्षेत्रीय सुरक्षा और आपात स्थिति के लिए सतर्क है। इसके साथ ही यह अभ्यास भविष्य में किसी भी अप्रत्याशित सैन्य या राजनीतिक चुनौती का सामना करने के लिए आगे की तैयारियों को मजबूत करने में सहायक होगा।
लेखक के बारे में:
अमित कौल
अमित कौल वरिष्ठ पत्रकार और डिजिटल न्यूज़ विश्लेषक हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। वर्तमान में वह Vartaprabhat.com के लिए नियमित लेखन कर रहे हैं।
