‘अगली महाशक्ति’: फ़िनलैंड के राष्ट्रपति बोले — भारत के बिना संयुक्त राष्ट्र कमज़ोर, सुरक्षा परिषद में शामिल होना ज़रूरी
‘अगली महाशक्ति’: फ़िनलैंड के राष्ट्रपति बोले — भारत के बिना संयुक्त राष्ट्र कमज़ोर, सुरक्षा परिषद में शामिल होना ज़रूरी
‘अगली महाशक्ति’: फ़िनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने भारत को अमेरिका और चीन के साथ दुनिया की “अगली महाशक्ति” बताया। उन्होंने कहा कि यदि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य नहीं बनाया गया, तो संगठन अपनी प्रासंगिकता खो देगा।
भारत: दुनिया की अगली महाशक्ति, फ़िनलैंड के राष्ट्रपति का बड़ा बयान
भारत को वैश्विक शक्ति का एक उभरता हुआ स्तंभ बताते हुए, फ़िनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत अमेरिका और चीन के साथ दुनिया की अगली महाशक्ति के रूप में उभरेगा। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) को चेतावनी दी कि जब तक भारत को सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सदस्य के रूप में शामिल नहीं किया जाता, तब तक यह संस्था अपनी प्रासंगिकता और विश्वसनीयता खोती रहेगी।
🔹 भारत — वैश्विक राजनीति का “रणनीतिक कर्ता”
अलेक्जेंडर स्टब ने भारत की रणनीतिक सोच, बहु-आयामी विदेश नीति और प्रतिस्पर्धी वैश्विक हितों के बीच संतुलन साधने की क्षमता की खुलकर प्रशंसा की।
उन्होंने कहा — “मैं भारत का बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ। मुझे लगता है कि भारत हमारी अगली महाशक्ति होगा, ठीक अमेरिका और चीन के साथ। प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री जयशंकर जो काम कर रहे हैं, वह भारत की रणनीतिक समझ और दूरदृष्टि को दर्शाता है।”
🔹 “भारत के बिना संयुक्त राष्ट्र अधूरा”
फ़िनलैंड के राष्ट्रपति ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को बहुपक्षीय सुधार (Multilateral Reforms) की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
“यह गलत है कि भारत जैसा बड़ा और प्रभावशाली देश सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य नहीं है,” उन्होंने कहा।
स्टब ने प्रस्ताव रखा कि पुनर्गठित सुरक्षा परिषद में लैटिन अमेरिका से एक, अफ्रीका से दो और एशिया से दो नए स्थायी सदस्य होने चाहिए, जिनमें भारत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि भारत जैसे देशों को निर्णय-प्रक्रिया में भागीदारी और एजेंसी नहीं दी गई, तो संयुक्त राष्ट्र कमजोर और अप्रासंगिक होता जाएगा।
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🔹 “भारत जो करता है, वह दुनिया के लिए मायने रखता है”
भारत के आर्थिक पैमाने, तकनीकी प्रगति और राजनीतिक प्रभाव को स्वीकार करते हुए, अलेक्जेंडर स्टब ने कहा कि नई दिल्ली आज वैश्विक स्थिरता और विकास का केंद्र बन चुकी है।
“भारत जो करता है, वह पूरी दुनिया के लिए मायने रखता है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने फ़िनलैंड और भारत के बीच सहयोग, तकनीकी विकास, और नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था को मज़बूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
“मैं बहुपक्षवाद में विश्वास करता हूँ, लेकिन उसके प्रभावी होने के लिए भारत को भीतर से इसका हिस्सा होना चाहिए — बाहर से देखने वाला नहीं।”
🔹 भारत का बढ़ता वैश्विक प्रभाव: ‘अगली महाशक्ति’
आज भारत न केवल आर्थिक और तकनीकी क्षेत्र में बल्कि राजनयिक और सुरक्षा मामलों में भी अपनी जगह मजबूत कर रहा है। जी-20 की अध्यक्षता से लेकर अंतरराष्ट्रीय संकटों पर मध्यस्थता तक, भारत अब विश्व मंच पर एक निर्णायक खिलाड़ी (Decisive Player) बन चुका है।
फ़िनलैंड के राष्ट्रपति का यह बयान इस बात का प्रतीक है कि भारत की वैश्विक भूमिका को नज़रअंदाज़ करना अब असंभव है।

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