ईरान ने सुरक्षा प्रमुख की मौत के बाद इज़राइल और खाड़ी देशों पर किया हमला
ईरान ने सुरक्षा प्रमुख की मौत के बाद इज़राइल और खाड़ी देशों पर किया हमला
ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी की मौत के बाद ईरान ने इज़राइल और खाड़ी देशों पर मिसाइल हमले किए।
अमित कौल | डिजिटल डेस्क के लिए | बेंगलुरु | 18 मार्च, 2026 – दुबई, सऊदी अरब और क़तर में धमाके और मिसाइल इंटरसेप्शन की घटनाएं दर्ज हुईं। जानिए पूरी रिपोर्ट।
ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी की मौत : घटना का पृष्ठभूमि
• अली लारिजानी, ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख, इज़राइली हमले में मारे गए।
• लारिजानी को ईरान की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था में सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के बाद सबसे प्रभावशाली व्यक्ति माना जाता था।
• उनके साथ बसीज फोर्स के कमांडर ग़ुलामरेज़ा सोलेमानी भी मारे गए।
ईरान का जवाबी हमला
• ईरान ने तेल अवीव और अन्य इज़राइली शहरों पर मिसाइलें दागीं।
• दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास धमाका हुआ, जिसे यूएई ने मिसाइल इंटरसेप्शन बताया।
• सऊदी अरब और क़तर में भी मिसाइल हमलों की रिपोर्ट आई, जिन्हें स्थानीय रक्षा प्रणालियों ने रोक दिया।
क्षेत्रीय असर
• खाड़ी देशों में हवाई यातायात प्रभावित हुआ, कई फ्लाइट्स डायवर्ट की गईं।
• तेल की कीमतों में अचानक उछाल दर्ज हुआ, जिससे वैश्विक बाज़ारों में अस्थिरता बढ़ी।
• अमेरिका ने अपने सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी है और इज़राइल को समर्थन देने का वादा किया है।
ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी की मौत: अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
• संयुक्त राष्ट्र ने तत्काल संयम बरतने की अपील की है।
• यूरोपीय संघ ने कहा कि यह हमला पूरे मध्य पूर्व को अस्थिर कर सकता है।
• भारत सहित कई देशों ने अपने नागरिकों को खाड़ी क्षेत्र में सतर्क रहने की सलाह दी है।
विश्लेषण
• यह हमला दर्शाता है कि ईरान अब सीधे इज़राइल और उसके सहयोगी खाड़ी देशों को निशाना बना रहा है।
• लारिजानी की मौत ने ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को गहरा झटका दिया है, और यह हमला उसकी प्रतिशोध नीति का हिस्सा है।
• यदि हालात काबू में नहीं आए तो यह संघर्ष क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है।
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निष्कर्ष
ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ता तनाव अब खाड़ी देशों तक फैल गया है। अली लारिजानी की मौत ने इस संघर्ष को और भड़काया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संकट को रोक पाता है या यह युद्ध और गहराता है।
लेखक के बारे में:
अमित कौल वरिष्ठ पत्रकार और डिजिटल न्यूज़ विश्लेषक हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। वर्तमान में वह Vartaprabhat.com के लिए नियमित लेखन कर रहे हैं।
