बड़ा आतंकी हमला नाकाम: पठानकोट में पाकिस्तान से भेजे गए हथियार ज़ब्त, 3 AK-47 समेत भारी जखीरा बरामद
बड़ा आतंकी हमला नाकाम: पठानकोट में पाकिस्तान से भेजे गए हथियार ज़ब्त, 3 AK-47 समेत भारी जखीरा बरामद
बड़ा आतंकी हमला नाकाम: पठानकोट के नरोट जमाल सिंह इलाके में पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान से भेजे गए हथियार ज़ब्त कर बड़ा आतंकी हमला नाकाम किया। ISI और बब्बर खालसा लिंक की जांच जारी।
अमित कौल | डिजिटल डेस्क के लिए | बेंगलुरु | 17 जनवरी 2026 – पंजाब पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पठानकोट जिले में संभावित आतंकी हमले को समय रहते नाकाम कर दिया है। सीमा से सटे नरोट जमाल सिंह इलाके में छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है, जिसे पाकिस्तान से भेजा गया बताया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह खेप पंजाब में अशांति फैलाने और बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने के उद्देश्य से भेजी गई थी।
बड़ा आतंकी हमला नाकाम: क्या-क्या हथियार बरामद हुए
डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (बॉर्डर रेंज) संदीप गोयल ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को एक पुख्ता खुफिया सूचना मिली थी, जिसके आधार पर इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। छापेमारी के दौरान निम्न हथियार बरामद किए गए:
- 3 अत्याधुनिक AK-47 राइफलें
- 5 मैगज़ीन
- तुर्की और चीन में बनी 2 पिस्तौलें
- 2 अतिरिक्त मैगज़ीन
- कुल 98 ज़िंदा कारतूस
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हथियारों की यह खेप पूरी तरह से ऑपरेशनल थी और किसी भी समय इस्तेमाल की जा सकती थी।
ISI और बब्बर खालसा लिंक की आशंका
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये हथियार बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े कुख्यात आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा ने पाकिस्तान से भिजवाए थे। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह पूरी साजिश पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर रची गई थी, जिसका मकसद पंजाब में आतंकी नेटवर्क को फिर से सक्रिय करना और कानून-व्यवस्था को अस्थिर करना था।
डीआईजी संदीप गोयल ने बताया कि जांच में यह संकेत मिले हैं कि रिंदा अपने स्थानीय सहयोगियों के ज़रिये इन हथियारों का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर आतंकी हमला करने की योजना बना रहा था।
बड़ा आतंकी हमला नाकाम: ह्यूमन इंटेलिजेंस ने बचाई बड़ी तबाही
पुलिस अधिकारियों ने इस ऑपरेशन में ह्यूमन इंटेलिजेंस की भूमिका को बेहद अहम बताया है। समय पर मिली सूचना के कारण पुलिस टीम हथियारों के इस्तेमाल से पहले ही मौके पर पहुंच गई और पूरे जखीरे को सुरक्षित रूप से जब्त कर लिया।
अधिकारियों का कहना है कि यदि यह खेप आतंकियों तक पहुंच जाती, तो इससे सीमावर्ती जिलों में गंभीर सुरक्षा संकट पैदा हो सकता था।
मामला दर्ज, जांच तेज
इस मामले में हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने:
- एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट, 1908
- आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 25, 54 और 59
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111
के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है तथा हथियारों की डिलीवरी कहां और किसे दी जानी थी।
बड़ा आतंकी हमला नाकाम: सीमा पार साजिशों पर कड़ा संदेश
यह बरामदगी एक बार फिर इस बात की पुष्टि करती है कि सीमा पार से पंजाब को अस्थिर करने की कोशिशें लगातार जारी हैं। हालांकि, पुलिस और खुफिया एजेंसियों की सतर्कता ने इस बार एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया है।
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निष्कर्ष
पठानकोट में आतंकी हथियारों की यह बरामदगी न केवल पंजाब पुलिस की बड़ी कामयाबी है, बल्कि यह सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय का भी प्रमाण है। समय रहते की गई कार्रवाई ने एक संभावित बड़े आतंकी हमले को रोक दिया, जिससे आम नागरिकों की जान बच सकी।
लेखक के बारे में:
अमित कौल वरिष्ठ पत्रकार और डिजिटल न्यूज़ विश्लेषक हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। वर्तमान में वह Vartaprabhat.com के लिए नियमित लेखन कर रहे हैं।
