दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली देशों की लिस्ट जारी, अमेरिका नंबर-1 पर बरकरार; भारत की रैंकिंग ने चौंकाया
दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली देशों की लिस्ट जारी, अमेरिका नंबर-1 पर बरकरार; भारत की रैंकिंग ने चौंकाया
वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू (World Population Review) की 2026 रिपोर्ट में दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली देशों की सूची जारी हुई। अमेरिका पहले, चीन दूसरे स्थान पर, जबकि भारत टॉप-10 से बाहर होकर 12वें स्थान पर रहा।
अमित कौल | डिजिटल डेस्क के लिए | बेंगलुरु | 11 जनवरी 2026 – वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू (World Population Review) ने वर्ष 2026 के लिए दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली देशों की सूची जारी कर दी है। इस ताज़ा रैंकिंग में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) एक बार फिर दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बना हुआ है। वहीं, चीन दूसरे और रूस तीसरे स्थान पर काबिज हैं। हालांकि, इस रिपोर्ट में सबसे ज़्यादा चर्चा का विषय भारत की रैंकिंग को लेकर है, क्योंकि भारत इस बार टॉप-10 की सूची से बाहर हो गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत को 12वां स्थान दिया गया है। यह रैंकिंग ऐसे समय में सामने आई है जब भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, चौथी सबसे बड़ी सैन्य शक्ति और दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बन चुका है। इसके बावजूद भारत का शीर्ष 10 में शामिल न होना कई सवाल खड़े करता है।
दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली देशों की लिस्ट जारी: वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू की रैंकिंग कैसे तय होती है?
वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू का कहना है कि यह रैंकिंग किसी एक मापदंड पर आधारित नहीं होती, बल्कि इसके लिए कई वैश्विक और रणनीतिक कारकों का विश्लेषण किया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, देशों का मूल्यांकन मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर किया गया है:
- आर्थिक क्षमता
- सैन्य संसाधन और ताकत
- तकनीकी प्रगति
- जनसांख्यिकीय शक्ति
- शासन की स्थिरता
- अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में प्रभाव
- वैश्विक नेतृत्व और राजनीतिक प्रभाव
इन सभी पहलुओं के आधार पर प्रत्येक देश को अंक दिए जाते हैं और फिर अंतिम रैंकिंग तैयार की जाती है।
🌐 दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली देश (2026)
- संयुक्त राज्य अमेरिका
- चीन
- रूस
- यूनाइटेड किंगडम
- जर्मनी
- दक्षिण कोरिया
- फ्रांस
- जापान
- सऊदी अरब
- इज़राइल
(भारत – 12वां स्थान)
🧠 “पावर को परिभाषित करना आसान नहीं है” – रिपोर्ट
रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों को परिभाषित करना एक जटिल प्रक्रिया है। शक्ति केवल सैन्य ताकत तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसमें आर्थिक प्रभाव, राजनीतिक स्थिरता, अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व और सांस्कृतिक प्रभाव भी शामिल होता है।
रिपोर्ट के अनुसार, “दुनिया के प्रभावशाली देश वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं, सशक्त सैन्य तंत्र विकसित करते हैं और ऐसी कूटनीतिक रणनीतियाँ अपनाते हैं जिनका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महसूस किया जाता है।”
📑 सर्वे रिपोर्ट के आधार पर तय होती है रैंकिंग
इसके अतिरिक्त, इस रैंकिंग प्रक्रिया में US News & World Report, BAV Group और यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया के व्हार्टन स्कूल की भूमिका को भी स्पष्ट किया गया है। अध्ययन के अनुसार, विभिन्न देशों की सैन्य, राजनीतिक और आर्थिक ताकत को लेकर लोगों की राय जानने के लिए दुनिया के कई देशों में व्यापक स्तर पर सर्वेक्षण किए जाते हैं।
इन सर्वे के आंकड़ों को विश्लेषित कर “बेस्ट कंट्रीज़” और “मोस्ट पावरफुल कंट्रीज़” की वार्षिक सूची जारी की जाती है।
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दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली देशों की लिस्ट जारी: भारत के लिए क्या मायने रखती है यह रैंकिंग?
हालांकि भारत का टॉप-10 से बाहर होना चौंकाने वाला है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की वैश्विक भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। आने वाले वर्षों में आर्थिक वृद्धि, तकनीकी विकास और कूटनीतिक प्रभाव के चलते भारत की रैंकिंग में सुधार संभव है।
📌 निष्कर्ष
2026 की यह रैंकिंग दुनिया में बदलते शक्ति संतुलन को दर्शाती है। जहां अमेरिका अपनी बादशाहत कायम रखे हुए है, वहीं भारत के लिए यह रिपोर्ट आत्ममंथन और रणनीतिक सुधार का संकेत मानी जा रही है।
लेखक के बारे में:
अमित कौल वरिष्ठ पत्रकार और डिजिटल न्यूज़ विश्लेषक हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। वर्तमान में वह Vartaprabhat.com के लिए नियमित लेखन कर रहे हैं।
