नवीनतमप्रदर्शितप्रमुख समाचारराज्यराष्ट्रीयसमाचार

पहलगाम आतंकी हमले की पूरी टाइमलाइन: लंच, GoPro कैमरा और फिर 26 बेगुनाहों का कत्ल, NIA चार्जशीट में सनसनीखेज खुलासे

पहलगाम आतंकी हमले की पूरी टाइमलाइन: लंच, GoPro कैमरा और फिर 26 बेगुनाहों का कत्ल, NIA चार्जशीट में सनसनीखेज खुलासे

पहलगाम आतंकी हमले की पूरी टाइमलाइन: NIA की 1,597 पन्नों की चार्जशीट में पहलगाम आतंकी हमले की पूरी टाइमलाइन सामने आई है। जानिए कैसे आतंकियों ने GoPro कैमरा लगाकर 26 लोगों की हत्या की, किस तरह ‘किल ज़ोन’ बनाया गया और ऑपरेशन महादेव में उनका अंत कैसे हुआ।

अमित कौल  |  डिजिटल डेस्क के लिए | बेंगलुरु | 22 मई, 2026 – जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में 22 अप्रैल 2025 को हुए भयावह आतंकी हमले को लेकर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की चार्जशीट ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। 1,597 पन्नों की इस विस्तृत चार्जशीट में बताया गया है कि कैसे पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से 26 निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतार दिया।

इस हमले में 25 पर्यटक और एक स्थानीय पोनी ऑपरेटर की जान गई थी। NIA की रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकवादियों ने हमले से पहले न सिर्फ इलाके की रेकी की, बल्कि GoPro कैमरे के जरिए पूरी वारदात रिकॉर्ड करने की भी तैयारी कर रखी थी। चार्जशीट में दर्ज टाइमलाइन इस बात का संकेत देती है कि यह हमला केवल गोलीबारी नहीं, बल्कि भय और आतंक फैलाने के उद्देश्य से रचा गया एक योजनाबद्ध नरसंहार था।

https://www.jagran.com/news/national-gujarat-police-operation-milap-traces-701-missing-people-in-two-weeks-40247591.html

21 अप्रैल: आतंकियों ने स्थानीय ढोक में ली पनाह

चार्जशीट के अनुसार, 21 अप्रैल की शाम लगभग 5 बजे तीन पाकिस्तानी आतंकवादी लंबी दूरी तय करने के बाद बैसरन घाटी पहुंचे। उनकी पहचान फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह, पहचान हमज़ा अफगानी और हबीब ताहिर के रूप में हुई, जिन्हें जिब्रान के नाम से भी जाना जाता है।

थके और प्यासे आतंकियों ने स्थानीय निवासी परवेज़ अहमद की झोपड़ी यानी ढोक में शरण मांगी। NIA को दिए बयान में परवेज़ ने बताया कि उसके मामा बशीर अहमद जोथर ने उन्हें चुप रहने को कहा और कुछ ही देर बाद तीन हथियारबंद लोगों को अंदर लेकर आए।

आतंकियों ने पानी मांगा और कहा कि वे बहुत लंबा सफर तय करके आए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, परवेज़ और बशीर अहमद पर आतंकियों को पनाह देने का आरोप है और उन्हें 22 जून को गिरफ्तार किया गया था।

22 अप्रैल: हमले से पहले पेड़ के नीचे बैठकर किया लंच

यह पता चलना कि आतंकवादी हमले से पहले आतंकवादी एक पेड़ के नीचे आराम से लंच कर रहे थे, एनआईए की चार्जशीट का सबसे चौंकाने वाला पहलू है।

उन्होंने अपने बैग से कंबल निकाले और खुद को इस तरह ढक लिया ताकि आसपास मौजूद लोगों को शक न हो। हथियार भी कंबलों के नीचे छिपाए गए थे।

रिपोर्ट के अनुसार, दो आतंकी पास बह रही नदी की ओर गए और वहां से पर्यटकों की गतिविधियों पर नजर रखी। उन्होंने इलाके के निर्देशांक यानी लोकेशन पॉइंट्स की पहचान की ताकि हमला अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके।

इसके बाद तीनों आतंकवादी पार्क की बाड़ के नीचे से घुसकर अंदर पहुंचे। इनमें से एक आतंकी ने अपने हेलमेट पर GoPro कैमरा लगाया हुआ था, जिससे पूरी वारदात रिकॉर्ड की जानी थी।

पहलगाम आतंकी हमले की पूरी टाइमलाइन: ‘किल ज़ोन’ बनाकर फंसाए गए पर्यटक

चार्जशीट में कहा गया है कि आतंकवादियों ने हमले के लिए ऐसी पोजिशन चुनी थी, जिससे पूरा मैदान “किल ज़ोन” में बदल जाए।

दो आतंकी मुख्य प्रवेश द्वार और सार्वजनिक सुविधाओं के पास तैनात हुए, जबकि तीसरे ने खुद को टूरिस्ट ज़िपलाइन के आखिर में खड़ा किया। इसका मकसद था कि किसी भी दिशा से भागने की कोशिश करने वाले लोगों को आसानी से निशाना बनाया जा सके।

यह सब एक पहले से सोची-समझी आतंकवादी साजिश और कुशल मिलिटरी ट्रेनिंग का संकेत देता है।

2:23 PM: चली पहली गोली और शुरू हुआ नरसंहार

NIA के मुताबिक, पहली गोली दोपहर 2:23 बजे M-4 कार्बाइन राइफल से चलाई गई। इसके कुछ सेकंड बाद बाकी दो आतंकियों ने AK-47 से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

घबराए हुए पर्यटकों को एक जगह इकट्ठा किया गया और फिर उनसे इस्लामिक कलमा पढ़ने को कहा गया। जो लोग कलमा नहीं पढ़ पाए, उन्हें चुन-चुनकर गोली मार दी गई।

इस हमले का सबसे मानवीय और भावुक पहलू स्थानीय पोनी ऑपरेटर सैयद आदिल हुसैन शाह की बहादुरी रही। चार्जशीट के अनुसार, आदिल ने एक आतंकी की बंदूक छीनने की कोशिश की ताकि पर्यटकों की जान बचाई जा सके, लेकिन आतंकियों ने उन्हें गोली मार दी।

जंगल की ओर भागते समय भी आतंकियों ने पेड़ों के पीछे छिपे नागरिकों को बेहद करीब से गोली मारी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भागते समय आतंकियों ने हवा में गोलियां चलाकर जश्न मनाया, जिससे उनके भीतर किसी तरह का पछतावा न होने का संकेत मिला।

पहलगाम आतंकी हमले की पूरी टाइमलाइन: ऑपरेशन महादेव में हुआ आतंकियों का अंत

NIA की रिपोर्ट के अनुसार, हमले के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया। आखिरकार 29 जुलाई को श्रीनगर के बाहरी इलाके में चलाए गए ‘ऑपरेशन महादेव’ के दौरान तीनों आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में सक्रिय सीमा पार आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता थी।

पहलगाम आतंकी हमले की पूरी टाइमलाइन: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ बना भारत की जवाबी रणनीति

पहलगाम हमले के बाद भारत ने सीमा पार आतंकवाद के लॉन्चपैड्स के खिलाफ व्यापक सैन्य और रणनीतिक कार्रवाई शुरू की, जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया।

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस ऑपरेशन का उद्देश्य केवल जवाबी हमला नहीं, बल्कि आतंकवादी ढांचे को जड़ से कमजोर करना था। NIA की चार्जशीट यह भी स्पष्ट करती है कि इस पूरे हमले के पीछे पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) की भूमिका थी।

https://vartaprabhat.com/sopore-uapa-raids-jamaat-e-islami-kashmir-police-action/

निष्कर्ष

पहलगाम आतंकी हमला केवल एक सुरक्षा चूक नहीं था, बल्कि इंसानियत को झकझोर देने वाली एक भयावह साजिश थी। NIA की चार्जशीट ने यह दिखाया है कि आतंकवादी कितनी बारीकी से हमले की तैयारी करते हैं और किस तरह मासूम लोगों को निशाना बनाते हैं।

अब पूरा देश इस बात की उम्मीद कर रहा है कि इस मामले में जुड़े हर व्यक्ति और नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

 

 

 

 

लेखक के बारे में

अमित कौल

अमित कौल वरिष्ठ पत्रकार और डिजिटल न्यूज़ विश्लेषक हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। वर्तमान में वह Vartaprabhat.com के लिए नियमित लेखन कर रहे हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *