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शुभमन गिल ने रचा इतिहास! पांचवीं बार बने महीने के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर, अभिषेक शर्मा और बाबर आजम को छोड़ा पीछे

शुभमन गिल ने रचा इतिहास! पांचवीं बार बने महीने के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर, अभिषेक शर्मा और बाबर आजम को छोड़ा पीछे

शुभमन गिल ने रचा इतिहास! शुभमन गिल ने पांचवीं बार आईसीसी महीने के सर्वश्रेष्ठ पुरुष क्रिकेटर का पुरस्कार जीतकर इतिहास रच दिया। अभिषेक शर्मा और सिकंदर रजा को पछाड़ने वाले गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 223 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली।

अमित कौल | स्पोर्ट्स डेस्क के लिए | बेंगलुरु | 14अक्टूबर, 2026 – भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे शुभमन गिल ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उन्हें भविष्य का महान बल्लेबाज क्यों माना जाता है। मैदान पर अपने बल्ले से रिकॉर्ड बनाने वाले गिल ने अब एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने उन्हें विश्व क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ियों की कतार में और ऊपर पहुंचा दिया है।

भारतीय एकदिवसीय और टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल को सितंबर 2026 के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने महीने का सर्वश्रेष्ठ पुरुष क्रिकेटर चुना है। यह पांचवां अवसर है जब गिल ने यह प्रतिष्ठित सम्मान हासिल किया है।

इस उपलब्धि के साथ वह पुरुष क्रिकेट में सर्वाधिक पांच बार यह पुरस्कार जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस पुरस्कार की दौड़ में उनके सामने भारत के विस्फोटक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और जिम्बाब्वे के अनुभवी हरफनमौला खिलाड़ी सिकंदर रजा जैसे मजबूत दावेदार थे।

लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ गिल की दो यादगार पारियों ने उन्हें सबसे आगे पहुंचा दिया।

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शुभमन गिल ने रचा इतिहास! बाबर आजम से आगे निकले शुभमन गिल

शुभमन गिल की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इस पुरस्कार के मामले में उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व कप्तान बाबर आजम को पीछे छोड़ दिया है।

बाबर आजम ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर तीन बार यह पुरस्कार जीता था। लेकिन गिल अब पांच बार यह सम्मान हासिल कर चुके हैं।

गिल ने पहली बार जनवरी 2023 में यह पुरस्कार जीता था। इसके बाद सितंबर 2023, फरवरी 2025 और जुलाई 2025 में भी वह विजेता बने।

अब सितंबर 2026 का सम्मान उनके नाम जुड़ गया है।

इतना ही नहीं, गिल ने महिला क्रिकेट की दिग्गज खिलाड़ी और वेस्टइंडीज की कप्तान हेले मैथ्यूज की बराबरी भी कर ली है। मैथ्यूज भी पांच बार महीने की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर चुनी जा चुकी हैं।

महज कुछ वर्षों में पांच बार यह सम्मान जीतना बताता है कि गिल का प्रदर्शन किसी एक शानदार श्रृंखला तक सीमित नहीं रहा है।

वेस्टइंडीज के खिलाफ दो पारियों ने बदल दी कहानी

सितंबर में शुभमन गिल का प्रदर्शन किसी सपने से कम नहीं था।

वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले दो एकदिवसीय मुकाबलों में उन्होंने कुल 333 रन बनाए। खास बात यह रही कि दोनों मुकाबलों में भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए आठ विकेट से जीत दर्ज की।

पहला मुकाबला तिरुवनंतपुरम में खेला गया, जहां वेस्टइंडीज ने भारत के सामने 296 रनों का लक्ष्य रखा।

गिल ने 108 गेंदों पर 110 रनों की शानदार पारी खेली और भारत को जीत की ओर पहुंचाया।

इस पारी में उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खूबी संयम और परिस्थितियों के अनुसार खेलने की क्षमता रही।

हालांकि, असली इतिहास अभी तक नहीं लिखा गया था।

शुभमन गिल ने रचा इतिहास! 406 रनों का लक्ष्य और गिल का ऐतिहासिक दोहरा शतक

गुवाहाटी में खेले गए दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में वेस्टइंडीज ने 405 रन बनाकर भारत के सामने 406 रनों का विशाल लक्ष्य रखा।

इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होता।

लेकिन शुभमन गिल ने इस चुनौती को इतिहास रचने के अवसर में बदल दिया।

उन्होंने महज 133 गेंदों पर नाबाद 223 रन ठोक दिए। उनकी इस विस्फोटक पारी में 26 चौके और आठ छक्के शामिल थे।

गिल ने केवल 117 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया और एकदिवसीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

उनकी यह पारी सफल लक्ष्य का पीछा करते हुए किसी बल्लेबाज का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर भी बनी।

भारत ने 43.3 ओवर में दो विकेट खोकर 406 रन बना लिए।

रोहित शर्मा ने भी 75 गेंदों पर 101 रन बनाए और गिल के साथ पहले विकेट के लिए 255 रनों की साझेदारी की।

यह केवल एक बड़ी जीत नहीं थी, बल्कि भारतीय बल्लेबाजी की आक्रामक सोच का शानदार उदाहरण भी था।

अभिषेक शर्मा ने भी पेश की मजबूत दावेदारी

हालांकि गिल ने पुरस्कार जीत लिया, लेकिन अभिषेक शर्मा का सितंबर का प्रदर्शन भी किसी से कम नहीं था।

अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 श्रृंखला में अभिषेक ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान आकर्षित किया।

पहले मुकाबले में उन्होंने महज 32 गेंदों पर 82 रन बनाए। दूसरे मैच में 19 गेंदों पर 39 रनों की तेज पारी खेली।

लेकिन तीसरे मुकाबले में अभिषेक ने ऐसी बल्लेबाजी की, जिसने रिकॉर्ड पुस्तिका में उनका नाम दर्ज करा दिया।

उन्होंने 45 गेंदों पर 108 रन बनाए और केवल 30 गेंदों में शतक पूरा किया।

इसके साथ ही वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए।

उन्होंने रोहित शर्मा का 35 गेंदों में शतक लगाने का भारतीय रिकॉर्ड तोड़ दिया।

उन्होंने तीन मैचों में कुल 229 रन बनाए।

यह प्रदर्शन दिखाता है कि भारतीय क्रिकेट में युवा बल्लेबाजों के बीच प्रतिस्पर्धा कितनी तेज हो चुकी है।

सिकंदर रजा ने भी अपनी ताकत दिखाई

जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने भी सितंबर में शानदार प्रदर्शन किया।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन एकदिवसीय मुकाबलों में उन्होंने 183 रन बनाए और तीन विकेट हासिल किए।

श्रृंखला के अंतिम मुकाबले में उन्होंने नाबाद 81 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली।

इसके अतिरिक्त टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में रजा ने 90 रन बनाए और दो विकेट भी लिए।

हालांकि जिम्बाब्वे को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन रजा ने बल्ले और गेंद दोनों से अपनी उपयोगिता साबित की।

उनका प्रदर्शन यह याद दिलाता है कि क्रिकेट में व्यक्तिगत उत्कृष्टता केवल जीतने वाली टीम के खिलाड़ियों तक सीमित नहीं होती।

गिल की सफलता भारतीय क्रिकेट के लिए क्या मायने रखती है?

शुभमन गिल की पांचवीं पुरस्कार जीत केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है।

यह भारतीय क्रिकेट में नेतृत्व और बल्लेबाजी की बदलती तस्वीर का भी संकेत है।

एक समय भारतीय बल्लेबाजी की पहचान सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग जैसे दिग्गज थे।इसके बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा ने लंबे समयतकविश्व क्रिकेट में भारत का दबदबा बनाए रखा।

अब शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा जैसे युवा बल्लेबाज इस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

गिल की विशेषता यह है कि वह केवल आक्रामक बल्लेबाजी नहीं करते, बल्कि परिस्थितियों को समझकर अपनी पारी की गति बदल सकते हैं।

एकदिवसीय क्रिकेट में यह क्षमता बेहद महत्वपूर्ण है।

शुभमन गिल ने रचा इतिहास! कप्तान गिल के सामने अब बड़ी चुनौती

शुभमन गिल ने पुरस्कार मिलने पर खुशी जताते हुए अपने प्रदर्शन और घरेलू दर्शकों के समर्थन को विशेष महत्व दिया।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आधुनिक एकदिवसीय क्रिकेट की रफ्तार तेजी से बदल रही है और खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुसार तुरंत फैसले लेने पड़ते हैं।

लेकिन कप्तान के रूप में उनकी असली परीक्षा अभी बाकी है।

व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाना एक उपलब्धि है, जबकि पूरी टीम को बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में सफलता दिलाना कहीं बड़ी जिम्मेदारी होती है।

2027 के एकदिवसीय विश्व कप को देखते हुए गिल का शानदार प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए उत्साहजनक संकेत है।

महिला क्रिकेट में शेफाली वर्मा ने बढ़ाया भारत का गौरव

सितंबर के पुरस्कारों में भारत को दोहरी सफलता मिली।

पुरुष वर्ग में शुभमन गिल के साथ महिला वर्ग में शेफाली वर्मा को भी महीने की सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर चुना गया।

शेफाली ने महिला एशिया कप और एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन किया।

यह उपलब्धि बताती है कि भारतीय क्रिकेट में पुरुष और महिला, दोनों वर्गों में प्रतिभाओं की नई पीढ़ी तेजी से आगे बढ़ रही है।

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निष्कर्ष: रिकॉर्ड से आगे की कहानी

शुभमन गिल की पांचवीं पुरस्कार जीत केवल आंकड़ों की कहानी नहीं है।

यह एक ऐसे युवा खिलाड़ी की यात्रा है, जिसने प्रतिभा के साथ निरंतरता और जिम्मेदारी को भी अपनी पहचान बनाया है।

अभिषेक शर्मा की विस्फोटक बल्लेबाजी और सिकंदर रजा के शानदार हरफनमौला प्रदर्शन के बीच गिल का विजेता बनना इस उपलब्धि को और महत्वपूर्ण बनाता है।

अब क्रिकेट प्रशंसकों की उम्मीदें उनसे और बढ़ गई हैं।

सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या शुभमन गिल आने वाले वर्षों में अपनी इस शानदार लय को बरकरार रखते हुए भारतीय क्रिकेट को विश्व कप का खिताब दिला पाएंगे?

 

लेखक के बारे में: 

अमित कौल

अमित कौल वरिष्ठ पत्रकार और डिजिटल न्यूज़ विश्लेषक हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। वर्तमान में वह Vartaprabhat.com के लिए नियमित लेखन कर रहे हैं।

 

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