खामेनेई की मौत से तेहरान की तबाही तक: US-इज़रायल और ईरान जंग का 10वां दिन, अब तक क्या-क्या हुआ?
खामेनेई की मौत से तेहरान की तबाही तक: US-इज़रायल और ईरान जंग का 10वां दिन, अब तक क्या-क्या हुआ?
खामेनेई की मौत से तेहरान की तबाही तक: US-इज़रायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के 10वें दिन खामेनेई की मौत, तेहरान पर बड़े हमले, नए सुप्रीम लीडर की नियुक्ति और बढ़ते क्षेत्रीय तनाव की पूरी कहानी पढ़ें।
युद्ध का 10वां दिन: मध्य-पूर्व में बढ़ता संकट
अमित कौल | डिजिटल डेस्क के लिए | बेंगलुरु | 10 मार्च, 2026 – मध्य-पूर्व में अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब दसवें दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। इस युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को उस समय हुई जब अमेरिका और इज़रायल ने संयुक्त हवाई हमले में ईरान के शीर्ष नेतृत्व और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इसी हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में भू-राजनीतिक हलचल मच गई।
अब दसवें दिन तक यह संघर्ष कई देशों तक फैल चुका है और इसके गंभीर मानवीय, राजनीतिक और आर्थिक परिणाम सामने आ रहे हैं।
खामेनेई की मौत से शुरू हुआ बड़ा टकराव
28 फरवरी को हुए हमलों में तेहरान स्थित खामेनेई के आवास और कई सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया। हमले में खामेनेई सहित कई शीर्ष सैन्य और सरकारी अधिकारी मारे गए।
यह घटना ईरान की राजनीति के लिए ऐतिहासिक झटका मानी जा रही है क्योंकि खामेनेई पिछले तीन दशकों से अधिक समय से देश के सबसे शक्तिशाली नेता थे। उनकी मौत के बाद ईरान में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया।
खामेनेई की मौत से तेहरान की तबाही तक: ईरान ने किया जवाबी हमला
खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए। इन हमलों का निशाना इज़रायल के साथ-साथ अमेरिका के सैन्य ठिकाने और उसके सहयोगी देश भी बने।
रिपोर्टों के अनुसार ईरान ने युद्ध के शुरुआती दिनों में 500 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइल और करीब 2000 ड्रोन लॉन्च किए।
इससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया।
तेहरान पर बड़े हमले और तबाही
युद्ध के दौरान इज़रायल ने तेहरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें तेल भंडारण डिपो और सैन्य आपूर्ति केंद्र शामिल थे। इन हमलों के बाद शहर में भारी आग लग गई और जहरीला धुआं फैल गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कई इलाकों में हवा इतनी खराब हो गई कि “सांस लेना मुश्किल” हो गया। जहरीले धुएं और रासायनिक कणों के कारण स्वास्थ्य संकट का खतरा भी बढ़ गया है।
खामेनेई की मौत से तेहरान की तबाही तक: भारी जानमाल का नुकसान
युद्ध के दसवें दिन तक हजारों लोग प्रभावित हो चुके हैं। रिपोर्टों के अनुसार:
- ईरान में 1000 से ज्यादा लोगों की मौत
- लेबनान में सैकड़ों लोग मारे गए
- अमेरिका के कई सैनिक भी मारे गए
- लाखों लोग विस्थापित हुए
इन आंकड़ों से साफ है कि यह संघर्ष अब केवल सैन्य टकराव नहीं बल्कि मानवीय संकट का रूप ले चुका है।
ईरान को मिला नया सुप्रीम लीडर
खामेनेई की मौत के बाद ईरान के धार्मिक नेतृत्व ने उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना है।
हालांकि इस फैसले को लेकर ईरान के अंदर और बाहर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इज़रायल ने चेतावनी दी है कि वह ईरान के नए नेतृत्व को भी निशाना बना सकता है।
युद्ध अब कई देशों तक फैल चुका
यह संघर्ष अब केवल ईरान और इज़रायल तक सीमित नहीं रहा। लेबनान, बहरीन, सऊदी अरब और खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों में भी हमलों की खबरें सामने आई हैं। इससे पूरे मध्य-पूर्व में अस्थिरता बढ़ गई है।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह युद्ध लंबा चला तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, व्यापार और राजनीति पर भी पड़ेगा।
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खामेनेई की मौत से तेहरान की तबाही तक: निष्कर्ष
US-इज़रायल और ईरान के बीच जारी यह युद्ध मध्य-पूर्व के इतिहास के सबसे खतरनाक संघर्षों में से एक बनता जा रहा है। खामेनेई की मौत, तेहरान पर हमले और नए सुप्रीम लीडर की नियुक्ति ने इस संकट को और जटिल बना दिया है।
अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या कूटनीतिक प्रयास इस युद्ध को रोक पाएंगे या आने वाले दिनों में यह संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है।
लेखक के बारे में:
अमित कौल
अमित कौल वरिष्ठ पत्रकार और डिजिटल न्यूज़ विश्लेषक हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। वर्तमान में वह Vartaprabhat.com के लिए नियमित लेखन कर रहे हैं।

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