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दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ISI-अंडरवर्ल्ड मॉड्यूल का भंडाफोड़, मंदिरों, सैन्य ठिकानों और पुलिस को निशाना बनाने की साजिश नाकाम

दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ISI-अंडरवर्ल्ड मॉड्यूल का भंडाफोड़, मंदिरों, सैन्य ठिकानों और पुलिस को निशाना बनाने की साजिश नाकाम

दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दिल्ली पुलिस ने ISI समर्थित और दाऊद इब्राहिम नेटवर्क से जुड़े कथित आतंकी-अंडरवर्ल्ड मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जांच में मंदिरों, सैन्य ठिकानों, पुलिस प्रतिष्ठानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर हमले की साजिश का खुलासा हुआ है।

 

दिल्ली पुलिस की बड़ी सफलता: कई शहरों में हमलों की साजिश रच रहे ISI-अंडरवर्ल्ड नेटवर्क का पर्दाफाश

अमित कौल  |  डिजिटल डेस्क के लिए | बेंगलुरु | 1 जून, 2026 – देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक ऐसे कथित आतंकी-अंडरवर्ल्ड मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है, जो भारत के विभिन्न शहरों में बड़े हमलों की योजना बना रहा था। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और भारतीय अंडरवर्ल्ड के बीच समन्वय का हिस्सा था, जिसमें दाऊद इब्राहिम गिरोह से जुड़े तत्वों की भी भूमिका सामने आई है।

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इस कार्रवाई में एक नेपाली नागरिक सहित आठ संदिग्धों को विभिन्न राज्यों से हिरासत में लिया गया है। शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे केवल एक आपराधिक साजिश नहीं बल्कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ एक सुव्यवस्थित और बहुस्तरीय अभियान की ओर संकेत करते हैं।

किन लक्ष्यों को बनाया गया था निशाना?

जांच एजेंसियों के अनुसार, मॉड्यूल के निशाने पर धार्मिक स्थल, विशेष रूप से मंदिर, प्रमुख भोजनालय, सैन्य प्रतिष्ठान, पुलिस कार्यालय और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थान थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से कई संवेदनशील स्थानों की वीडियो रिकॉर्डिंग और तस्वीरें बरामद की हैं।

सूत्रों के मुताबिक, राजनीतिक दलों के कार्यालयों और महत्वपूर्ण सरकारी भवनों की रेकी भी की गई थी। यह तथ्य बताता है कि साजिश केवल भय पैदा करने तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसका उद्देश्य सामाजिक तनाव बढ़ाना और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देना भी हो सकता था।

दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ISI और अंडरवर्ल्ड की पुरानी रणनीति का नया रूप

भारत के खिलाफ पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी नेटवर्क अक्सर प्रत्यक्ष आतंकवादी संगठनों का उपयोग करते रहे हैं। लेकिन हाल के वर्षों में सुरक्षा एजेंसियों ने पाया है कि ISI ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए अपराध जगत और अंडरवर्ल्ड नेटवर्क को भी आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करना शुरू किया है।

दाऊद इब्राहिम का नेटवर्क लंबे समय से भारत विरोधी गतिविधियों के आरोपों के केंद्र में रहा है। जांच में सामने आया है कि दुबई और पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर भारत के भीतर मौजूद मॉड्यूल को निर्देश दे रहे थे। इस प्रकार का गठजोड़ सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण इसलिए होता है क्योंकि इसमें आतंकवाद, संगठित अपराध और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्किंग तीनों का मिश्रण होता है।

ड्रोन और एन्क्रिप्टेड ऐप्स का बढ़ता खतरा

इस मामले का सबसे चिंताजनक पहलू आधुनिक तकनीक का उपयोग है। जांच एजेंसियों को संकेत मिले हैं कि हथियार और विस्फोटक सामग्री पहुंचाने के लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जाना था। पिछले कुछ वर्षों में पंजाब और जम्मू-कश्मीर में ड्रोन के जरिए हथियार गिराने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

इसके अलावा, आरोपियों द्वारा एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्लिकेशन का उपयोग किए जाने की जानकारी भी मिली है। ऐसे ऐप्स संचार को सुरक्षित बनाते हैं और जांच एजेंसियों के लिए संदेशों को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि आतंकी और आपराधिक नेटवर्क लगातार नई तकनीकों को अपना रहे हैं।

दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: नेपाल कनेक्शन क्यों महत्वपूर्ण है?

गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में एक नेपाली नागरिक का शामिल होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए विशेष चिंता का विषय है। भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा व्यवस्था दोनों देशों के नागरिकों के लिए सुविधा प्रदान करती है, लेकिन आतंकवादी और आपराधिक तत्व कभी-कभी इसी व्यवस्था का दुरुपयोग करने की कोशिश करते हैं।

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि ऐसे नेटवर्कों की आवाजाही और लॉजिस्टिक सहायता को तुरंत रोकने के लिए, सीमा-पार गतिविधियों की निगरानी में सुधार किए जाने की आवश्यकता है।

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए क्या संदेश?

दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई केवल एक आतंकी साजिश को नाकाम करने तक सीमित नहीं है। यह इस बात का भी संकेत है कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियां आतंकवाद और संगठित अपराध के बदलते स्वरूप को समझते हुए अपनी रणनीतियों को लगातार अपडेट कर रही हैं।

हाल के वर्षों में खुफिया एजेंसियों और पुलिस बलों के बीच बेहतर समन्वय के कारण कई बड़े हमलों को समय रहते रोका गया है। इस मामले में भी तकनीकी निगरानी, खुफिया जानकारी और राज्यों के बीच समन्वित कार्रवाई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: आगे की जांच पर टिकी निगाहें

फिलहाल जांच एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं और उनके वित्तीय लेनदेन, विदेशी संपर्कों तथा डिजिटल संचार नेटवर्क की जांच की जा रही है। संभावना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों का खुलासा भी हो सकता है।

भारत की सुरक्षा व्यवस्था के सामने आतंकवाद और संगठित अपराध का गठजोड़ एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। हालांकि दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई यह साबित करती है कि सुरक्षा एजेंसियां ऐसे खतरों से निपटने के लिए सतर्क हैं और देश की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाली किसी भी साजिश को विफल करने के लिए लगातार सक्रिय हैं।

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निष्कर्ष:

दिल्ली पुलिस द्वारा ISI समर्थित कथित अंडरवर्ल्ड मॉड्यूल का भंडाफोड़ राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर एक बड़ी उपलब्धि है। इस मामले ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि भारत विरोधी तत्व अब पारंपरिक आतंकवादी ढांचे के साथ-साथ आधुनिक तकनीक, अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और नागरिकों की जागरूकता दोनों ही देश की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

 

 

 

 

लेखक के बारे में

अमित कौल

अमित कौल वरिष्ठ पत्रकार और डिजिटल न्यूज़ विश्लेषक हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। वर्तमान में वह Vartaprabhat.com के लिए नियमित लेखन कर रहे हैं।

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