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क्या पुश-अप्स करने में हो रही है परेशानी? रोज़ाना पुश-अप्स की संख्या बढ़ाने के लिए अपनाएं ये 8 वैज्ञानिक और आसान टिप्स

क्या पुश-अप्स करने में हो रही है परेशानी? रोज़ाना पुश-अप्स की संख्या बढ़ाने के लिए अपनाएं ये 8 वैज्ञानिक और आसान टिप्स

क्या पुश-अप्स करने में हो रही है परेशानी – क्या आप पुश-अप्स की संख्या बढ़ाना चाहते हैं? जानिए सही तकनीक, वैज्ञानिक तरीके और 8 आसान टिप्स जिनकी मदद से आप रोज़ाना अधिक पुश-अप्स कर सकते हैं।

क्या पुश-अप्स की संख्या बढ़ाना मुश्किल लग रहा है? जानें स्टडीज़ और एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं।

अमित कौल  |  डिजिटल डेस्क के लिए | बेंगलुरु | 17 जुलाई, 2026 – पुश-अप्स (Push-ups) दुनिया की सबसे प्रभावी बॉडीवेट एक्सरसाइज़ में से एक मानी जाती हैं। इसे करने के लिए किसी जिम या महंगे उपकरण की ज़रूरत नहीं होती, लेकिन इसके बावजूद यह आपकी छाती (Chest), कंधों (Shoulders), ट्राइसेप्स (Triceps), कोर (Core) और पीठ की कई मांसपेशियों को एक साथ सक्रिय करती है। यही कारण है कि फिटनेस एक्सपर्ट इसे हर उम्र के लोगों के लिए बेहतरीन एक्सरसाइज़ मानते हैं।

हालांकि, अधिकतर लोग एक समस्या का सामना करते हैं—कुछ पुश-अप्स के बाद ही शरीर जवाब देने लगता है। कई लोग महीनों तक अभ्यास करने के बावजूद अपनी रिपीटिशन (Repetitions) नहीं बढ़ा पाते। इसका कारण केवल ताकत की कमी नहीं, बल्कि गलत तकनीक, अपर्याप्त रिकवरी और गलत ट्रेनिंग स्ट्रेटेजी भी हो सकती है।

वर्ष 2005 में प्रकाशित एक तुलनात्मक अध्ययन में बताया गया कि पुश-अप्स के दौरान शरीर का सही अलाइनमेंट और कोर की सक्रियता (Core Engagement) मांसपेशियों की कार्यक्षमता को काफी प्रभावित करती है। वहीं अन्य बायोमैकेनिकल रिसर्च में पाया गया कि हाथों की चौड़ाई और शरीर की स्थिति बदलने से अलग-अलग मसल्स पर दबाव बदल जाता है।

क्या पुश-अप्स करने में हो रही है परेशानी? अच्छी बात यह है कि सही तकनीक और वैज्ञानिक तरीके अपनाकर कोई भी व्यक्ति धीरे-धीरे अपनी रोज़ाना पुश-अप्स की संख्या बढ़ा सकता है।

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1. सबसे पहले सही फॉर्म (Form) सीखें

अगर आपकी तकनीक गलत है तो अधिक पुश-अप्स करने की कोशिश केवल थकान और चोट का कारण बनेगी।

सही पुश-अप करते समय ध्यान रखें—

  1. सिर से एड़ी तक शरीर सीधी लाइन में रहे।
  2. अपने हाथों को कंधे की चौड़ाई जितनी अलग रखें, लेकिन थोड़ा ज़्यादा चौड़ा रखें।
  3. कोर और ग्लूट्स को टाइट रखें।
  4. नीचे जाते समय छाती ज़मीन के करीब आए।
  5. ऊपर आते समय कोहनी पूरी तरह लॉक करने से बचें।

सही तकनीक मांसपेशियों को प्रभावी ढंग से सक्रिय करती है और लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन में मदद करती है।

2. शुरुआत मॉडिफाइड पुश-अप्स से करें

यदि स्टैंडर्ड पुश-अप्स मुश्किल लगते हैं तो खुद को मजबूर करने के बजाय आसान वेरिएशन अपनाएं।

आप शुरुआत कर सकते हैं—

  1. घुटनों के बल पुश-अप्स
  2. दीवार के सहारे पुश-अप्स
  3. बेंच या टेबल पर इनक्लाइन पुश-अप्स

वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, इन वेरिएशन से Ground Reaction Force (GRF) कम हो जाती है, जिससे शुरुआती लोगों के लिए मांसपेशियों पर नियंत्रित दबाव पड़ता है और धीरे-धीरे ताकत विकसित होती है।

3. धीरे-धीरे बढ़ाएं रिपीटिशन

फिटनेस में सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत है Progressive Overload यानी धीरे-धीरे शरीर को अधिक चुनौती देना।

उदाहरण के लिए—

यदि आज आप 10 पुश-अप्स करते हैं,
अगले सप्ताह लक्ष्य 11 या 12 रखें।
हर सप्ताह 1–2 रेप्स बढ़ाना लंबे समय में शानदार परिणाम देता है।

एक साथ 20–30 अतिरिक्त पुश-अप्स करने की कोशिश करने से मांसपेशियों पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है।

4. सपोर्टिंग मसल्स को भी मजबूत बनाएं

पुश-अप केवल चेस्ट की एक्सरसाइज़ नहीं है। इसमें ट्राइसेप्स, कंधे और कोर की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

इन एक्सरसाइज़ को भी अपने वर्कआउट में शामिल करें—

  1. प्लैंक
  2. ट्राइसेप्स डिप्स
  3. शोल्डर टैप्स
  4. डम्बल प्रेस
  5. माउंटेन क्लाइंबर

जब सपोर्टिंग मसल्स मजबूत होंगी तो पुश-अप्स की संख्या अपने आप बढ़ने लगेगी।

5. सफलता का राज़ है लगातार प्रैक्टिस।

फिटनेस में कोई शॉर्टकट नहीं होता।

यदि आप सप्ताह में केवल एक-दो दिन पुश-अप्स करेंगे तो सुधार धीमा रहेगा।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सप्ताह में 4–6 दिन नियंत्रित मात्रा में अभ्यास करना मांसपेशियों और नर्वस सिस्टम दोनों को बेहतर तरीके से प्रशिक्षित करता है।

रोज़ाना कुछ मिनट का अभ्यास भी कई सप्ताह बाद बड़ा अंतर पैदा कर सकता है।

6. छोटे-छोटे सेट करें

यदि एक बार में 20 पुश-अप्स नहीं हो पा रहे हैं तो परेशान होने की ज़रूरत नहीं।

इसके बजाय—

  1. 5 पुश-अप्स करें।
  2. 20–30 सेकंड आराम करें।
  3. फिर 5 पुश-अप्स करें।
  4. इस प्रक्रिया को 4–5 बार दोहराएं।

इस तकनीक को Cluster Sets या Multiple Sets Training कहा जाता है, जो स्टैमिना बढ़ाने में काफी प्रभावी मानी जाती है।

7. कोर स्ट्रेंथ बढ़ाएं

कमज़ोर कोर होने पर पुश-अप्स के दौरान शरीर बीच से झुकने लगता है।

इससे—

  1. कमर पर दबाव बढ़ता है।
  2. ऊर्जा अधिक खर्च होती है।
  3. रेप्स जल्दी खत्म हो जाते हैं।

कोर मजबूत करने के लिए ये एक्सरसाइज़ उपयोगी हैं—

  1. प्लैंक
  2. साइड प्लैंक
  3. माउंटेन क्लाइंबर्स
  4. बर्ड-डॉग
  5. लेग रेज़

मजबूत कोर आपको लंबे समय तक सही फॉर्म बनाए रखने में मदद करता है।

8. रिकवरी और पोषण को नजरअंदाज न करें

कई लोग केवल एक्सरसाइज़ पर ध्यान देते हैं, लेकिन रिकवरी को भूल जाते हैं।

याद रखें—

  1. मांसपेशियाँ वर्कआउट के दौरान नहीं बल्कि आराम के समय मजबूत होती हैं।
  2. रोज़ 7–9 घंटे की नींद लें।
  3. पर्याप्त पानी पिएं।
  4. पक्का करें कि आपका प्रोटीन का सेवन आपके शरीर के वज़न के हिसाब से सही हो।
  5. जरूरत पड़ने पर एक दिन का आराम भी लें।

ओवरट्रेनिंग से प्रदर्शन घट सकता है और चोट का खतरा बढ़ सकता है।

क्या रोज़ाना पुश-अप्स करना सुरक्षित है?

यदि आपकी तकनीक सही है और शरीर पूरी तरह रिकवर हो रहा है, तो नियंत्रित मात्रा में रोज़ाना पुश-अप्स करना अधिकांश स्वस्थ लोगों के लिए सुरक्षित हो सकता है। हालांकि यदि कंधे, कलाई या पीठ में दर्द महसूस हो तो एक्सरसाइज़ रोककर विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

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निष्कर्ष

पुश-अप्स की संख्या बढ़ाना किसी जादू का परिणाम नहीं, बल्कि सही तकनीक, नियमित अभ्यास, मजबूत कोर, सपोर्टिंग मसल्स की ट्रेनिंग और पर्याप्त रिकवरी का संयोजन है।

छोटे-छोटे सुधारों पर ध्यान दें। हर सप्ताह केवल एक या दो अतिरिक्त पुश-अप्स जोड़ना भी कुछ महीनों में आपकी ताकत, स्टैमिना और आत्मविश्वास में बड़ा बदलाव ला सकता है।

यदि आप धैर्य के साथ इन आठ वैज्ञानिक टिप्स को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाते हैं, तो जल्द ही अधिक पुश-अप्स करना आपके लिए पहले से कहीं आसान हो जाएगा।

 

 

 

 

 

 

 

लेखक के बारे में

अमित कौल

अमित कौल वरिष्ठ पत्रकार और डिजिटल न्यूज़ विश्लेषक हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। वर्तमान में वह Vartaprabhat.com के लिए नियमित लेखन कर रहे हैं।

 

 

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